05. Isha Upanishad Verse 3
Content List असुर्या नाम ते लोका अन्धेन तमसाऽऽवृताः ।
ताँस्ते प्रेत्याभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः ॥३॥
असूर्याः अन्धेन तमसा आवृताः नाम ते लोकाः सन्ति ।
ये के च जनाः आत्महनः सन्ति ते प्रेत्य तान् अभिगछति॥
वे सभी लोग अपनी आत्मा का हनन करने के कारणवश यहां से प्रयाण करने पर ऐसे लोक पहुंचते हैं जो कि सूर्य से रहित हैं और गाढ़े अन्धकार से आच्छादित हैं।
All such people having sullied their souls move to un-illumined regions, that are drenched in darkness.